भारत में रोज़ाना लाखों लोग रेल यात्रा करते हैं। लगभग हर रूट पर नियमित ट्रेनें चलती हैं, लेकिन खासकर त्योहारों और छुट्टियों के समय ट्रेनों में भारी भीड़ रहती है। ऐसे में हर यात्री चाहता है कि उसे कन्फर्म सीट मिल जाए।
जब ट्रेन की सभी सीटें भर जाती हैं, तो रेलवे Waiting List (WL) टिकट जारी करता है। चार्ट बनने के समय यह WL टिकट या तो कन्फर्म, RAC या फिर वेटिंग में ही रह जाती है।
इसी RAC को लेकर यात्रियों में सबसे ज़्यादा भ्रम रहता है।
इस लेख में हम RAC Ticket Rules, RAC का मतलब, यात्रा के नियम, कन्फर्मेशन और रिफंड से जुड़ी पूरी जानकारी आसान भाषा में समझेंगे।
RAC Ticket क्या होता है?

RAC का फुल फॉर्म है Reservation Against Cancellation।
इसका मतलब है कि अगर कोई यात्री अपनी कन्फर्म टिकट कैंसिल करता है, तो उसकी सीट RAC यात्री को दी जाती है।
जब ट्रेन की सभी सीटें भर जाती हैं:
- पहले टिकट Waiting List (WL) में जाती है
- चार्ट बनने के समय यही WL टिकट RAC या कन्फर्म में बदल सकती है
RAC टिकट Waiting List से बेहतर होती है क्योंकि इसमें यात्रा की अनुमति होती है।
RAC Ticket पर यात्रा कर सकते हैं या नहीं?

हाँ, RAC टिकट पर आप यात्रा कर सकते हैं।
लेकिन ध्यान रखने वाली बात यह है कि:
- RAC में एक बर्थ पर दो यात्रियों को जगह दी जाती है
- आमतौर पर यह Lower Berth होती है
- दोनों यात्रियों को सीट शेयर करनी होती है
RAC सुविधा आमतौर पर इन कोचों में मिलती है:
- Sleeper (SL)
- AC 3 Tier (3A)
- AC 2 Tier (2A)
Amrit Bharat Express जैसी कुछ ट्रेनों में RAC सुविधा नहीं होती।
RAC Ticket कब कन्फर्म होती है?
RAC टिकट की कन्फर्मेशन प्राथमिकता Waiting List से ऊपर होती है।
प्रक्रिया इस प्रकार होती है:
- ट्रेन चलने से लगभग 4 घंटे पहले चार्ट बनता है
- अगर कोई कन्फर्म यात्री टिकट कैंसिल करता है
- तो सबसे पहले RAC टिकट कन्फर्म होती है
- इसके बाद WL नंबर आगे बढ़ता है
उदाहरण:
अगर आपकी टिकट RAC 12 है, तो इसका मतलब:
- आपके आगे 11 RAC यात्री हैं
- उनके कन्फर्म होने के बाद आपकी बारी आएगी
RAC Ticket और Waiting List में क्या अंतर है?

- RAC टिकट → यात्रा की अनुमति होती है, सीट शेयर करनी होती है
- Waiting List टिकट → यात्रा की अनुमति नहीं होती (e-ticket में)
Mixed Status (एक PNR में RAC + WL):
- अगर एक यात्री RAC में है और बाकी WL में
- तो WL यात्री भी उसी RAC यात्री के साथ यात्रा कर सकते हैं
कन्फर्मेशन की प्राथमिकता:
RAC → WL
RAC Ticket से जुड़े जरूरी नियम
- एक बर्थ दो यात्रियों को दी जाती है
- RAC टिकट के कन्फर्म होने की संभावना ज़्यादा होती है
- चार्ट बनने के बाद ही RAC स्टेटस मिलता है
- यह सुविधा Sleeper और AC कोच में दी जाती है
RAC Ticket पर फाइन लगेगा या नहीं?
नहीं, RAC टिकट पर कोई फाइन नहीं लगता।
- RAC एक वैध (Valid) टिकट है
- यात्री आधी सीट का किराया देकरआधी सीट (शेयरिंग) में यात्रा करता है
गलत कोच में यात्रा करने पर ही फाइन लग सकता है।
RAC Ticket Refund Rules
- अगर RAC टिकट निर्धारित समय के भीतर कैंसिल की जाती है
- तो लगभग ₹60 का नॉमिनल चार्ज काटकर
- बाकी राशि रिफंड कर दी जाती है
(रिफंड नियम रेलवे के मौजूदा नियमों के अनुसार लागू होते हैं)
RAC Ticket से यात्रा करते समय जरूरी टिप्स
- हमेशा अपने निर्धारित कोच में ही चढ़ें
- चार्ट बनने के बाद Final Status चेक करें
- सीट शेयरिंग के नियमों का शालीनता से पालन करें
- SMS या IRCTC ऐप पर सीट अपग्रेडेशन देखते रहें
निष्कर्ष
RAC टिकट का मतलब यह नहीं है कि आपकी यात्रा रुक गई है।
इस टिकट में:
- यात्रा की अनुमति होती है
- लेकिन सीट पूरी तरह कन्फर्म नहीं होती, बल्कि शेयर करनी पड़ती है
अगर आपकी यात्रा ज़रूरी है और टिकट WL से RAC में बदल गई है,
तो आप निश्चिंत होकर ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं।