रेलवे टिकट बुकिंग के दौरान आपने अक्सर Confirm (CNF), Waiting List (WL) और RAC जैसे शब्द देखे होंगे।
जब कन्फर्म टिकट उपलब्ध नहीं होती, तो रेलवे यात्रियों को Waiting List टिकट जारी करती है। जैसे-जैसे कोई कन्फर्म टिकट कैंसिल होता है, वेटिंग लिस्ट आगे बढ़ती जाती है और टिकट के कन्फर्म होने की संभावना बनती है।
इसके अलावा रेलवे RAC (Reservation Against Cancellation) टिकट भी जारी करती है, जिससे कई यात्रियों में भ्रम बना रहता है कि आख़िर उनकी टिकट कन्फर्म होगी या नहीं, और कब होगी।
इस लेख में हम WL, RAC और Confirm टिकट से जुड़े सभी नियमों को आसान भाषा में समझेंगे, ताकि टिकट बुकिंग या यात्रा के समय आपको कोई कन्फ्यूज़न न रहे।
Waiting List (WL) Ticket क्या होता है?

जब किसी ट्रेन की सभी सीटें भर जाती हैं, तो रेलवे यात्रियों को Waiting List (WL) टिकट जारी करती है।
यह इस उम्मीद पर दी जाती है कि:
- कुछ यात्री अपनी कन्फर्म टिकट कैंसिल कर सकते हैं
- या विशेष परिस्थितियों में अतिरिक्त कोच जोड़ा जा सकता है
WL टिकट के साथ एक नंबर लिखा होता है, जैसे WL 5, WL 2, WL 1।
यह नंबर बताता है कि आप वेटिंग लिस्ट में किस स्थान पर हैं। जैसे-जैसे आगे के यात्री टिकट कैंसिल करते हैं, यह नंबर घटता जाता है और कन्फर्म होने की संभावना बढ़ती जाती है।
WL2 → WL1 का मतलब
अगर आपकी टिकट WL2 से WL1 हो गई है, तो इसका मतलब है कि आप कन्फर्म होने के बहुत करीब हैं।
अब अगर एक और कन्फर्म टिकट कैंसिल होती है, तो आपकी टिकट कन्फर्म हो सकती है।
Chart से पहले और बाद का Status
- चार्ट बनने से पहले: WL के कन्फर्म होने की संभावना रहती है
- चार्ट बनने के बाद: टिकट का जो भी स्टेटस होता है, वही फाइनल माना जाता है
RAC Ticket क्या होता है?

RAC का पूरा नाम है Reservation Against Cancellation।
यह टिकट आपको यात्रा करने की अनुमति देती है, लेकिन इसमें आपको पूरी बर्थ नहीं मिलती, बल्कि एक बर्थ दूसरे यात्री के साथ शेयर करनी होती है।
RAC और WL में अंतर
- RAC टिकट → यात्रा की अनुमति

- WL टिकट → यात्रा की अनुमति

- RAC टिकट, WL टिकट से पहले कन्फर्म होती है
अधिकतर मामलों में RAC टिकट चार्ट बनने के समय या उसके बाद मिलती है।
Confirm Ticket (CNF) क्या होता है?
जब आपकी टिकट Confirm (CNF) होती है, तो इसका मतलब है:
- आपकी सीट पूरी तरह रिज़र्व हो चुकी है
- आपको कोच नंबर और बर्थ नंबर मिल जाता है
यदि CNF टिकट को आप कैंसिल करते हैं, तो रेलवे नियमों के अनुसार कुछ कैंसलेशन चार्ज काटकर बाकी राशि आपके भुगतान माध्यम में वापस कर दी जाती है।
Chart Preparation के बाद क्या होता है?

रेलवे दो बार चार्ट तैयार करती है:
- पहला चार्ट: ट्रेन प्रस्थान से लगभग 8 घंटे पहले
- फाइनल चार्ट: ट्रेन चलने से 30 मिनट पहले
चार्ट बनने के बाद:
- WL e-ticket ऑटोमैटिक कैंसिल हो जाती है
- RAC टिकट के CNF में बदलने की संभावना सबसे ज़्यादा होती है
- RAC टिकट पर यात्री बर्थ शेयर करके यात्रा करता है
WL Ticket Refund Rules
अगर आपकी टिकट चार्ट बनने के बाद भी WL रहती है:
- Online ticket → ऑटोमैटिक कैंसिल + 3–7 दिन में रिफंड
- Counter ticket → काउंटर से कैंसिल कराना होता है
यदि ट्रेन 3 घंटे से ज़्यादा लेट हो, स्टेशन पर न रुके या अन्य विशेष परिस्थितियाँ हों, तो रिफंड के लिए TDR फाइल करनी होती है।
RAC / WL Ticket पर यात्रा की अनुमति
- WL टिकट →
यात्रा की अनुमति नहीं - RAC टिकट →
यात्रा की अनुमति
WL टिकट पर यात्रा करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
Waiting List Confirm होने के Chances कैसे बढ़ाएं?
- यात्रा की तारीख से पहले early booking करें
- Peak routes / festive season से बचें
- सही quota selection करें
- Alternate train या date देखें
Common Mistakes जो लोग करते हैं
- WL टिकट पर यात्रा करना
- चार्ट बनने के बाद टिकट कैंसिल करने की कोशिश
- रिफंड नियम जाने बिना घबराना
FAQs
WL टिकट में सीट मिलती है?
नहीं, केवल कन्फर्म होने पर सीट मिलती है।
RAC टिकट कन्फर्म होती है?
हाँ, इसके कन्फर्म होने की संभावना सबसे ज़्यादा होती है।
Chart के बाद WL टिकट का क्या होता है?
चार्ट के बाद WL e-ticket ऑटोमैटिक कैंसिल हो जाती है।

Conclusion
यात्रा के लिए टिकट जितनी जल्दी बुक की जाए, कन्फर्म होने की संभावना उतनी ज़्यादा होती है।
यदि टिकट कैंसिल करनी हो, तो समय रहते नियमों के अनुसार कैंसिल करें ताकि पूरा रिफंड मिल सके।
WL, RAC और CNF टिकट के नियमों को समझकर ही निर्णय लें, ताकि आपकी यात्रा बिना किसी परेशानी के पूरी हो।