दिल्ली में प्रदूषण इस साल भी अपने भयावह स्तर पर पहुँच गया है। राजधानी के कई इलाकों में AQI गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया है।

Delhi AQI Today के अनुसार, चांदनी चौक, आनंद विहार, नरेला-बवाना और वजीरपुर जैसे क्षेत्रों में AQI 400 के पार रिकॉर्ड हुआ है।
सर्दी का मौसम शुरू होते ही दिल्ली की हवा जहरीली होने लगती है। अभी हवा की गुणवत्ता ‘Very Poor’ श्रेणी में बनी हुई है और अगले एक सप्ताह में इसके ‘Severe’ स्तर पर जाने की संभावना है। दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों—जैसे ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद—में AQI पहले ही ‘Severe’ की सीमा पार कर चुका है।
Central Pollution Control Board (CPCB) की रिपोर्ट के अनुसार, खराब एयर क्वालिटी से लोगों की परेशानी बढ़ सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो पहले से बीमार हैं। वहीं AIIMS के डॉक्टरों ने बताया कि इससे नवजात शिशुओं में फेफड़ों से संबंधित समस्याएँ बढ़ सकती हैं। इसके अलावा, प्रदूषण हार्ट, अस्थमा, मानसिक स्वास्थ्य और गर्भावस्था पर भी गंभीर असर डालता है।
प्रदूषण बढ़ने के कई कारण हैं—
- ठंडी हवा और गिरा हुआ तापमान
- वाहनों और फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआँ
- हवा की कम गति, जिससे धुआँ नीचे ही जम जाता है
- पराली जलने से उठने वाला धुआँ, जो दिल्ली की हवा को और खराब करता है
ये सभी तत्व हवा में मिलकर प्रदूषण को खतरनाक स्तर तक पहुँचा देते हैं।

AQI स्तर को समझें (CPCB के अनुसार):
- 51–100: Satisfactory
- 101–200: Moderate
- 201–300: Poor
- 301–400: Very Poor
- 400–500: Severe
आज Delhi AQI Today का औसत स्तर लगभग 392 रहा।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार युद्धस्तर पर प्रदूषण से निपटने में लगी है। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे अपना पूरा योगदान दें—चाहे वाहन कम चलाना हो, धूल न उड़ने देना हो या कचरा न जलाना हो।
सरकार ने दिल्ली में प्रदूषण इस साल भी अपने भयावह स्तर पर पहुँच गया है। राजधानी के कई इलाकों में AQI गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए 62 हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान की है। पालम भी उन प्रमुख हॉटस्पॉट्स में शामिल है, जहाँ ट्रैफ़िक जाम और धूल से संबंधित समस्याओं को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
आने वाले दिनों में देखना होगा कि दिल्ली कब राहतभरी साँस ले पाएगी।