
बिहार चुनाव में प्रचंड जीत के बाद एनडीए ने नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। दिल्ली से लेकर पटना तक जोरदार राजनीतिक हलचल जारी है। आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर एनडीए के घटक दलों की अहम बैठक हुई, जिसमें एलजेपी के चिराग पासवान, आरएलडी के उपेंद्र कुशवाहा और अन्य सहयोगी दलों के नेता मौजूद रहे।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री और एलजेपी चीफ चिराग पासवान ने कहा कि “सरकार 22 नवंबर से पहले बना दी जाएगी।” उनके मुताबिक सभी दलों की सहमति से नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे। पावर शेयरिंग, मंत्रिमंडल का आकार और विभागों का बंटवारा लगभग तय माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, एनडीए की योजना के तहत हर 7 विधायकों पर एक मंत्री का फॉर्मूला लागू किया जा सकता है। इस बार दो से अधिक उप मुख्यमंत्री बनाए जाने पर भी सहमति बनती दिख रही है।

मंत्री पदों का संभावित बंटवारा
अब तक की चर्चाओं के आधार पर दलों को मिलने वाले मंत्री पद इस प्रकार हैं—
- भाजपा: 15 मंत्री
- जेडीयू: मुख्यमंत्री सहित 14 मंत्री
- HAM: 1 मंत्री
- RLD: 1 मंत्री
कैबिनेट के अंतिम नामों की घोषणा जल्द की जाएगी, लेकिन कई बड़े चेहरे लगभग तय माने जा रहे हैं।
संभावित मंत्रियों की सूची
जदयू से: विजय चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, जयंत राज, सुनील कुमार
भाजपा से: उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, नितिन नवीन, मंगल पांडेय, हरि सहनी
लोजपा से: राजू तिवारी, संजय पासवान
HAM से: संतोष सुमन
सूत्र बताते हैं कि इस बार किसी महिला विधायक को उप मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।

नीतीश कुमार लेंगें 10वीं बार शपथ
नीतीश कुमार जल्द ही राज्यपाल को सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। अनुमान है कि वे पटना के गांधी मैदान में अपने 10वें कार्यकाल के लिए शपथ लेंगे।
नई सरकार से उम्मीदें
नई बिहार सरकार पर राज्य की अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य को मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। औद्योगिक निवेश और नए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर खास फोकस रहने की उम्मीद है।
जल्द ही क़यासों का दौर समाप्त होगा और बिहार को नया मंत्रिमंडल व नई सरकार मिल जाएगी।